कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ ....
या दिल का पहला प्यार लिखूँ .....
कुछ अपनो के जज्बात लिखूँ या सपनों की सौगात लिखूँ
मैं खिलता सुरज आज लिखूँ या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ ...
वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की साँस लिखूँ
वो पल में बीते रात लिखूँ या सदियों लंम्बी रात लिखूँ
सागर सा गहरा हो जांऊ या अंम्बर का विस्तार लिखूँ
मैं तुमको अपने पास लिखूँ या दूरी का एहसास लिखूँ
वो पहली पहली प्यास लिखूँ या निशछल पहला प्यार लिखूँ
सावन की बारिश में भीगूँ या मै आँखो की बरसात लिखूँ ....
कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ
या दिल का सारा प्यार लिखूँ ..
या दिल का पहला प्यार लिखूँ .....
कुछ अपनो के जज्बात लिखूँ या सपनों की सौगात लिखूँ
मैं खिलता सुरज आज लिखूँ या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ ...
वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की साँस लिखूँ
वो पल में बीते रात लिखूँ या सदियों लंम्बी रात लिखूँ
सागर सा गहरा हो जांऊ या अंम्बर का विस्तार लिखूँ
मैं तुमको अपने पास लिखूँ या दूरी का एहसास लिखूँ
वो पहली पहली प्यास लिखूँ या निशछल पहला प्यार लिखूँ
सावन की बारिश में भीगूँ या मै आँखो की बरसात लिखूँ ....
कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ
या दिल का सारा प्यार लिखूँ ..
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