Friday, 13 August 2010

इस अजनबी सी दुनिया में

इस अजनबी सी दुनिया में 
अकेला एक ख्वाब हूँ 
सवालों से खफा
चोट सा जवाब हूँ 

जो न समझ सके उनके लिए  "कौन"
जो समझ सके उनके लिए "किताब" हूँ
दुनिया की नज़रों में जाने क्यूँ
चुभा सा सबसे बदनाम हूँ

जिसको न देखा उसने 
वो चमकता अफताब हूँ
आँखों से देखोगे तो 
खुश मुझे पाओगे

दिल से पूछोगे तो 
दर्द का सैलाब हूँ
इस अजनबी सी दुनिया में 
अकेला एक ख्वाब हूँ ....................

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